१-महाविद्यालय के छात्रा को आवेदन पत्र समय पर नहीं पहुँच पाने की स्थिति में महाविद्यालय उत्तरदायी नहीं होगा ।
२-किसी भी छात्रा का प्रवेश एतदर्थ गठित प्रवेश समिति की संस्तुतियों के आधार पर ही होगा ।
३-नियमानुसार प्राचार्य, किसी प्राक्टर / चीफ प्राक्टर या किसी भी विभाग के विभागाध्यक्ष या किसी भी संकाय अधिकारी की संस्तुतियों या परामर्श के आधार पर किसी भी छात्रा के प्रवेश को निषिद्ध कर सकते हैं ।
४-महिलाओं, अनुसूचित जातियों तथा अन्य पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को वि ० वि ० के नियमानुसार वरीयता प्राप्त होगी ।
५-विश्वविद्यालय के नियमानुसार प्राचार्य को या महाविद्यालय की अनुशासन समिति को यह अधिकार प्राप्त है कि बिना कारण बताए किसी छात्रा को प्रवेश दे या न दे ।
६-विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार प्रवेश समिति द्वारा निर्धारित संख्या को हिसाब से ही प्रवेश / नामांकन तय होंगे ।
७-छात्राओं के लिए यह आवश्यक है कि प्रवेश के पन्द्रह दिनों के भीतर वे अपना परिचय पत्र बनवा लें ।
८-महाविद्यालय परिसर में बिना परिचय पत्र के किसी छात्रा की उपस्थिति अनुशासहीनता मानी जाएगी एवं एतदर्थ अनुशासन समिति आवश्यक कार्रवाई कर सकती है ।
९-महाविद्यालय के द्वारा प्रवेश हेतु चयनित अभ्यर्थियों के लिए यह आवश्यक है कि वे एक सप्ताह के भीतर महाविद्यालय में उपस्थित होकर सम्बद्ध विभागों कार्यालयों से एतद सम्बन्धी रसीद / प्रमाण पत्र निर्गत कराकर चयनित विषय को विभागाध्यक्षों से मिलकर उपस्थिति पंजिकाओं में अपना नाम दर्ज करा लें ।
१०-प्राचार्य की स्वीकृति एवं निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद ही किसी भी छात्रा को महाविद्यालय परिवार का प्रमाणित सदस्य समझा जाएगा ।
११-गलत तथ्यों के आधार पर या कुछ तथ्यों को छुपाकर लिए गए किसी भी प्रवेश को प्रवेश समिति या प्राचार्य द्वारा जब चाहे निरस्त किया जा सकता है ।
१२-प्रवेश / नामांकन के वक्त सभी अभ्यर्थियों के लिए यह आवश्यक है कि पूर्व विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा प्रमाणित आचरण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करें ।


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